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झाबुआ

वन विभाग में सामग्री खरीदी को लेकर विशेष शर्तों का उल्लेख कर निविदा को जटिल बनाने का प्रयास

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झाबुआ – वन विभाग द्वारा सामग्री खरीदी को लेकर आंमत्रित की गई निविदा क्रं.3365 में अनावश्यक शर्तों का उल्लेख कर , निविदा को जटिल बनाने का प्रयास किया गया है या फिर फर्म विशेष को ही लाभान्वित करने का प्रयास इस निविदा में किया गया । इस तरह की विशेष शर्तों वाली निविदा आमंत्रण होने से कुछ ही ठेकेदार या फर्म , निविदा में भाग ले पायेंगे, जिससे शासन को निम्न दर के स्थान पर अधिक दर में सामग्री खरीदी करना पड़ेगी । जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होगा ।

जानकारी अनुसार वन विभाग द्वारा विभिन्न  निर्माण कार्य हेतु आवश्यक सामग्री के लिए निविदा क्रं 3365 , निविदा की अंतिम अंतिम  12 अगस्त को ई निविदा के द्धारा आंमत्रित की गई थी । निविदा में विशेष यह देखा गया है कि शासनहित से ज्यादा पार्टी विशेष को लाभ देने हेतु निकाली गई निविदा है । निर्माण कार्य की निविदाएं हर विभाग में जैसे PHE, PWD , RES , सहायक आयुक्त कार्यालय, महिला बाल विभाग आदि में संपूर्ण निर्माण व मटेरियल सहित C.S.R से Above/  Below के माध्यम से मांगी जाती है, सिर्फ वन विभाग में ही यह मटेरियल अलग व लेबर अलग की प्रथा चल रही है। ई निविदा में डाली गई शर्त अनुलग्न क्रं. 4,5 में अनावश्यक शर्त है जिसमें 20% 30% 50% टर्नओवर मांगा गया है और वह भी निविदा में आंमत्रित की गई सामग्री का  । इससे यह लगता है कि यह शर्त पार्टी विशेष को लाभान्वित करने हेतु डाली गई है, इस शर्त के कारण अधिकांश निविदाकर्ता इस निविदा में भाग नहीं ले पाएंगे, जिससे न्यूनतम दरे अधिक आएगी। विभाग को चाहिए की शासनहित में न्यूनतम दर उच्च गुणवत्ता युक्त मटेरियल व समस्त शासकीय टैक्स जीएसटी ,आईटी ,दुकान गुमास्ता पंजीयन सहित दरे प्राप्त हो। अनावश्यक शर्त लगाने से  कम निविदाकर्ता ही भाग ले पायेंगे जिससे दरे अधिक आएगी व शासन को आर्थिक नुकसान होगा ।  इसी तरह की शर्तों में संशोधन को लेकर किसी फर्म ने आपत्ति भी लिखित में वन मंडलाधिकारी को दर्ज कराई है और उसकी प्रतिलिपि प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन मंत्री को भी पत्राचार के माध्यम से दी है । जिसमें आपत्तिकर्ता द्वारा अनुलग्न 4,5 को संशोधित कर पुनः निविदा‌ दर बुलाई जाने हेतु लिखित में दिया है । साथ ही अनुलग्न 4,5 फोटोकॉपी भी संलग्न की है । क्या शासन प्रशासन वन विभाग की इस अनावश्यक शर्तों वाली निविदा में संशोधन को लेकर कोई प्रयास करेगा या फिर वन विभाग फर्म विशेष को लाभ देने वाली कार्यप्रणाली के साथ ही कार्य करेगा ।

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