झाबुआ – वन विभाग की कार्यप्रणाली आए दिन चर्चा का विषय रही है चाहे निविदा आमंत्रण हो या फिर वृक्षारोपण हो या फिर वन विभाग में चहेते ठेकेदारों को उपकृत करना । शासन प्रशासन द्वारा आनलाइन निविदा इसलिए आंमत्रित की जाती है कि अधिक से अधिक निविदाकार भाग ले सकें और शासन को उच्च गुणवत्ता युक्त सामग्री निम्न दर पर मिल सके । लेकिन हाल ही वन विभाग द्वारा लोहा सामग्री खरीदी की निविदा में शर्तों में अनुभव मापदंड सम्मिलित करना समझ से परे है…. कही निविदा किसी विशेष फर्म के लिए पुनः आमंत्रित तो नहीं की गई…. जांच का विषय है ।
वन विभाग द्वारा लोहा सामग्री खरीदी हेतु आनलाइन निविदा आमंत्रित की गई । इस निविदा में बीड सेल डेट प्रारंभ हुई 15 अक्टूबर को और बीड सबमिशन डेट है 25 अक्टूबर । आनलाइन निविदा क्रमांक 2025_mMPFD_457629_1 है । वन विभाग द्वारा झाबुआ, थांदला और पेटलावद रेंज हेतु विभिन्न लोहा सामग्री खरीदी जाना है । इस निविदा में सरिया विभिन्न साइज का आय एस आई मार्क का करीब 5680 कि. ग्राम, लोहा से बनी सामग्री जेसे गेट , दरवाजा, साइन बोर्ड वेंटिलेशन आदि 2000 कि. ग्राम व वाइंडिंग वायर 400 कि. ग्राम खरीदी की जाना है । वर्तमान बाजार भाव से इन सभी सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 7-8 लाख रुपए है । वही इस निविदा में विभाग द्वारा विशेष शर्तों का उल्लेख किया गया है विशेष रूप से अनुभव मापदंड का उल्लेख किया गया है । चूंकि इस निविदा में सिर्फ सामग्री खरीदी जाना है न की कोई निर्माण कार्य तो इस निविदा में अनुभव मापदंड की आवश्यकता क्यों दी गई है । चूंकि निविदा में कोई पुल पुलिया या स्टाप डेम या नल जल योजना का कार्य हो तो अनुभव सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है । और न ही कोई मेडिकल यंत्र की खरीदी की जाना है। सिर्फ लोहा और लोहा से बनी सामग्री की खरीदी की जाना है । यदि विभाग द्वारा अनुभव मापदंड की आवश्यकता होती तो फर्म का गुमास्ता लाइसेंस से फर्म के अनुभव स्वत ही समझा जा सकता है । वही यदि अन्य शासकीय विभाग जैसे पीडब्ल्यूडी, पीएचई या अन्य कोई विभाग की निविदा में इस तरह की जटिल अनुभव मापदंड की शर्त अभी तक किसी भी विभाग में देखने को नहीं मिली है । जबकि संपूर्ण सामग्री की खरीदी संभवतः आठ लाख रुपए से अधिक नहीं है । इस तरह इस छोटी निविदा को विशेष शर्तों के साथ इतना जटिल बना दिया है कि कोई भी निविदाकार आसानी से इस निविदा में भाग नहीं ले सकता है और कम निविदाकार होने पर सामग्री की दरें अधिक होगी, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होगा । जिससे शासन के उद्देश्य की पूर्ति भी नहीं हो पायेगी याने उच्च गुणवत्ता युक्त सामग्री निम्न दर पर । जबकि निविदा में सामान्य शर्तों के साथ जीएसटी रजिस्ट्रेशन, गुमास्ता लाइसेंस , पेन कार्ड, आधार कार्ड, तीन वर्षों की वित्तीय टनओवर , आदि सामान्य शर्तों के साथ ताकि अधिक से अधिक निविदाकार निविदा में भाग ले सकें । इन विशेष शर्तों के साथ निविदा आमंत्रण किसी फर्म विशेष के लिए तो नहीं है । संपूर्ण प्रक्रिया जांच का विषय है । यदि विभाग द्वारा सरल शर्तों के साथ निविदा आमंत्रित की जाती तो अधिक निविदाकार निविदा में भाग लेते और सामग्री की दरें भी अधिक नहीं आयेगी । देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर किस उद्देश्य की पूर्ति के साथ निविदा में निविदा में विशेष मापदंड उल्लेखित किए गए ।
विशेष शर्तों जो इस निविदा में उल्लेखित की गई।
निविदाकार के पास होना चाहिए:-
(किसी भी केंद्रीयाराज्य सरकार संगठना विभागपीएसयू सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी में) सकलतापूर्वक निष्पादित करने का अनुभव
क) तीन समान कार्य जिसके लिए निविदाकार द्वारा निविदा दी गई है, जिनमें से प्रत्येक की लागत पिद्धले 3 वित्तीय वर्षों के दौरान उन वस्तुओं की संभावित राशि के 20 प्रतिशत के बराबर राशि से कम नहीं है जिनके लिए निविदाकार द्वारा निविदा दी गई है ।
या
ख) दो समान कार्य जिनके लिए निविदाकार द्वारा निविदा दी गई है, जिनमें से प्रत्येक की लागत पिद्यले 3 वित्तीय वर्षों के दौरान उन वस्तुओं की संभावित राशि के 30 प्रतिशत के बराबर राशि से कम नहीं है जिनके लिए निविदाकार द्वारा निविदा दी गई है।
या
ग) एक समान कार्य जिसकी कुल लागत पिद्धले 3 बित्तीय वर्षों के ददीरान उन वस्तुओं की संभावित राशि के 50 प्रतिशत के राबर राशि से कम नहीं है जिनके लिए निविदा दी गई है।
घ) पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान किसी एक वित्तीय वर्ष में वन दिभाग, म.प्र.में समान मदों का कार्य निष्पादित किया गया हो जो निविदाकार द्वारा दी गई निविदा के मदों की संभावित राशि के 30 के बराबर राशि से कम नहीं होना बाहिए।
1. पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान निविदाकार का औसत वाषिक कारोबार निविदाकार द्वारा दी गई निविदा के मदों की संभावित राशि के दोगुने से कम नहीं होना चाहिए।
संयुक्त उद्यम के मामले में, कम कारोबार वाली फर्म के कारोबार को उपर्युक्त खंड (पद) के तहत मूल्यांकन के लिए माना जाएगा। यदि निविदाकार के गठनर्धनेगमन की तारीख तीन वर्ष से कम पुरानी है, तो गठन की तारीख के बाद पूरे हुए वित्तीय वर्षों के संबंध में औसत कारोबार को इस मापदंड के लिए ध्यान में रखा जाएगा।
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