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झाबुआ

देवझिरी पंचायत का कारनामा……गैंती 330 रू की 450 मे , फावड़ा रू 175  का 350 में, 150 रू का फिनाइल 350 में….!

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झाबुआ – झाबुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवझिरी द्वारा पंचायत कार्यों व योजनाओं में उपयोग हेतु खरीदी गई  सामग्री में अनियमितता और अधिक दरों पर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत  द्वारा बाजार दरों की तुलना में कई आवश्यक सामग्री को करीब 20 से 50 प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदा गया, जिससे पंचायत निधि को आर्थिक नुकसान पहुंचा है । जो जांच का विषय है

अनुसार झाबुआ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत देवझिरी में पंचायत अंतर्गत निर्माण कार्य और रखरखाव हेतु 2 दिसंबर 2024 को – स्वस्तिक ट्रेडर्स से सामान खरीदा गया था करीब 13 सामग्री खरीदी की गई थी। जिसमें निर्माण कार्य हेतु गैती, फावड़ा और तगारी और रखरखाव हेतु सामग्री की खरीदी की गई थी। जो गैंती बाजार में – आसानी से 330 रू में उपलब्ध है वहीं गैंती पंचायत द्वारा रू 450 में – खरीदी गई व फावड़ा जो बाजार में रू 175-200 में आसानी से उपलब्ध है वह रू 350 में खरीदा गया था । और तगारी जो बाजार में 130-150 रू में उपलब्ध है वह रू 200 में खरीदी गई। वही रखरखाव हेतु जो फिनाइल 5 लीटर पैक में बाजार में रू150-175 में उपलब्ध है वह रू 350 में खरीदा गया था । वाइपर जो बाजार में 200-225 में मिल जाता है वह भी रू 350 में खरीदा गया था । वही पैरपौछ भी रू 350-400 में मिल जाता है वह भी 550 में खरीदा गया था। बागरा लंबे डंडे वाला रू 200 में उपलब्ध है रू 300 में खरीदा गया। वही 5 पैकेट मास्क के रू 1000 प्रति पैकेट से खरीदा गया, जबकि मास्क पैकेट (100 नंग) 500 रु में आसानी से मिल रहा है। ग्लोब्स पैकेट रू 1200 प्रति पैकेट में खरीदा गया था । जबकि किस तरह का ग्लब्स खरीद गया है इसको लेकर बिल में कोई जानकारी नहीं दी गई है यदि निर्माण कार्य में उपयोग हेतु ग्लब्स खरीदें गये थे तो यह रु 25 प्रतिनंग के हिसाब से 12 नंग का पैकेट रू 300 का और उच्च क्वालिटी का रू 50 प्रतिनंग के हिसाब से 600 रू का । वही मेडिकल ग्लब्स तो बहुत सस्ते दामों में मिलते हैं। इसके अलावा डस्टबिन मीडियम साइज भी 600 में मिल रहा है जबकि पंचायत द्वारा रू 750 में खरीदा गया था। इसके अलावा अन्य सामग्री भी बाजार दाम से करीब 25 प्रतिशत से अधिक दर पर खरीदी की गई थी। इस प्रकार ग्राम पंचायत देवझिरी द्वारा करीब 13 सामग्री का बिल रू 40250 का बिल भुगतान किया है वहीं यही सामग्री बाजार भाव से खरीदा जाता तो संभवतः 27000-28000 रू में आसानी से मिल जाती । वही सूत्रों का कहना है कि बिल में जो सामग्री की संख्या या नंग दर्शायी गयी है इसको लेकर भी जांच होना चाहिए। चूंकि ऐसी आशंका है कि बिल अनुसार आधी सामग्री ही पंचायत भवन तक पहुंची है और सामग्री का संपूर्ण बिल का भूगतान किया गया है ऐसा प्रतीत होता है कि ग्राम पंचायत देवझिरी द्वारा आर्थिक लाभ की दृष्टि से अधिक दामों में सामग्री खरीदी गई थी वहीं अधिक दामों में सामग्री खरीदी कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। क्या शासन प्रशासन इस ओर ध्यान देगा या फिर ग्राम पंचायत देवझिरी में यह सब यूं ही चलता रहेगा ।

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