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झाबुआ

पत्रकार पर प्राणघातक हमले के विरोध में पत्रकारों ने कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन

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झाबुआ। पत्रकार साथी जावेद खान पिता सलीम खान पर पेट्रोल पंप कर्मचारी द्वारा किए गए कथित प्राणघातक हमले के विरोध में जिले के पत्रकारों में आक्रोश है। घटना को लेकर पत्रकारों ने कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि घटना के दौरान पत्रकार जावेद खान पर हमला किया गया, जिससे वे बेहोश हो गए। हालत गंभीर होने पर परिजनों द्वारा उन्हें दाहोद (गुजरात) ले जाया गया। पत्रकारों का आरोप है कि घटना के संबंध में दर्ज FIR में फिलहाल केवल एक कर्मचारी का नाम दर्ज किया गया है, जबकि घटना में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है।
FIR में अन्य आरोपियों के नाम जोड़ने की मांग
पत्रकारों ने मांग की है कि मामले की जांच कर अन्य आरोपियों के नाम FIR में शामिल किए जाएं तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, जिसमें धारा 109, 118(2) एवं 351(3) सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं शामिल हैं, के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में पेट्रोल पंप संचालक की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। आरोप लगाया गया कि पंप पर कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति से पूर्व आवश्यक चरित्र सत्यापन एवं जानकारी की प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए।
CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच की मांग
पत्रकारों ने पेट्रोल पंप पर लगे सभी CCTV कैमरों की DVR जब्त कर फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके और किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
इसके अलावा पेट्रोल पंप के पेट्रोलियम लाइसेंस, विस्फोटक लाइसेंस, फायर NOC, नगर पालिका NOC, प्रदूषण NOC एवं नापतौल विभाग से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच करने की मांग ज्ञापन में की गई है । साथ ही ग्राहक को मिलने वाली सुविधाएं जैसे शुद्धता और मात्रा की जांच , मुफ्त हवा , फायर सेफ्टी उपकरण , रेट लिस्ट , शिकायत पेटी मिल रही है या नहीं , इसकी जांच की जाए । यदि पेट्रोल पंप मापदंड पर खरा नहीं उतरता है तो उसे तत्काल सील किया जावे ।
पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। ज्ञापन में मध्यप्रदेश में पत्रकारों को प्राप्त कानूनी अधिकारों के तहत घायल पत्रकार को सुरक्षा, मुआवजा एवं न्याय प्रदान करने तथा हमले को अजमानतीय अपराध की श्रेणी में लेकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि 7 दिवस के भीतर मांगों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो झाबुआ जिले के पत्रकार आंदोलन एवं कलम बंद करने जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी । ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जिला आपूर्ति अधिकारी , पुलिस अधीक्षक झाबुआ सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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