झाबुआ
क्या रिश्वत के दबाव में नगरपालिका सी एम ओ नोटिस देने के बाद भी काम बन्द नही करवा पा रहे है?
-
झाबुआ6 months agoशिवदयाल सिंह गुर्जर होंगे झाबुआ के नए एसपी
-
झाबुआ4 years ago05 लाख की चोरी करने वाला बाबा के भेष में आया आरोपी झाबुआ पुलिस गिरफ्त में”
-
झाबुआ6 years ago
बिना अनुमति भवन निर्माण कार्य करने पर नगर पालिका द्वारा दिया गया सूचना पत्र …….. ………. वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी…
-
झाबुआ4 years agoतेरापंथ धर्मसंघ की शासनमाता, साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा जी का महाप्रयाण……
-
झाबुआ7 years agoजिला परिवहन कार्यालय झाबुआ की कहानी ========!!!!!!!!चंबल के डकैतों से भी ज्यादा लूटते हैं यह दलाल
-
झाबुआ4 years agoश्रीमती अंजु शर्मा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की जिला अध्यक्ष नियुक्त
-
झाबुआ4 years agoमोनिका नितेश कोठारी का मासक्षमण तप (31 उपवास) 3 अक्टूंबर को पूर्ण , 4 को पारणा…।
-
झाबुआ4 years agoपंचायत चुनाव के फॉर्म जारी किए निर्वाचन आयोग


विभागीय गलियों से यह भी पता चला है कि बेसमेंट की पमिशन नगर पालिका द्वारा संभवत नहीं दी जाती है। यदि नहीं तो किस आधार पर यह मकान मालिक जमीन खोदकर बेसमेंट बना रहा है। जब शहर के ही कुछ जागरूक नागरिक में इसकी शिकायत नगर पालिका अधिकारी को की तब उन्होंने कहा कि आन लाइन कार्यवाही की जा रही है और उस पर अर्थदंड लगाया जाएगा । किंतु शिकायत कर्ता ने काम बंद करवाने को बात की तो सी एम ओ साब कुछ जवाब नही दे पाये । यह भी समझ से परे है कि नोटिस के बाद भी क्या कारण है कि सी एम ओ साब काम बंद करवाने में रुचि क्यो नही ले रहे है बाजारों ओर चौराहों पर जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है कि क्या सी एम ओ साब रिश्वत लेकर बेसमेंट की मौखिक परमिशन दे रहे है। इस तरह के अधिकारियों के आर्थिक हितों के कारण लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास आता है अब तो बाजारों में यह बात सुनने को मिल रही है कि भाजपा की सरकार आते ही अधिकारी कर्मचारियों की सरकार आ गई है जहां अधिकारी कर्मचारी अपने मनमाने तरीके से काम करेंगे और आर्थिक लाभ को तवज्जो देते हुए जनहित के मुद्दों को नकार देंगे इसके अलावा आम नागरिक खोजेमा बोरा ने भी इस निर्माण कार्य को लेकर शिकायत की थी लेकिन आज तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई लगता है नगरपालिका में सब कुछ अंधेर नगरी और चौपट राजा की तर्ज पर कार्य चल रहा है अन्यथा जो बेसमेंट निर्माण का कार्य चालू है वह नगरपालिका सी एम ओ ने अभी तक बन्द करवा के उस अवैध बेसमेंट को वापस भरवाया क्यो नही । क्या अर्थदंड लगाकर कर अवैध बेसमेंट की परमिशन दी जाएगी ?….. शासन प्रशासन इस ओर ध्यान देकर इस तरह के मौखिक परमिशन पर कोई कार्रवाई होगी या फिर या अधिकारी अपने मनमाने तरीके से ही कार्य करते रहेंगे और प्रदेश में भाजपा की सरकार को रिश्वत के नाम पर कलंकित करते रहेंगे।