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झाबुआ

हम श्रेष्ठ धर्म और श्रेष्ठ कर्म के मार्ग पर चलकर अपने जीवन का कल्याण कर सकते है -ः समाजसेवी किशोर बोरसे

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सामाजिक महासंघ की राष्ट्रवाद, धर्म जागरण एवं सनातन संस्कारों की पाठशाला में बच्चें दे रहे गरिमा और अनुशासन का परिचय
झाबुआ। सामाजिक महासंघ जिला इकाई द्वारा स्थानीय पैलेस गार्डन पर राष्ट्रवाद, धर्म जागरण एवं सनातन संस्कारों की पाठशाला का भव्य स्तर पर आयोजन प्रतिदिन किया जा रहा है। यह पाठशाला विगत 30 दिसंबर से शुरू होकर आगामी 4 जनवरी तक चलेगी। पाठशाला का समय प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे से 9.40 बजे तक रखा गया है। जिसमें बच्चें निर्धारित समय पर उपस्थित होकर गरिमा और अनुशासन का पालन करते हुए समस्त प्रकार की गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे है। पाठशाला में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों की उपस्थिति रह रहीं है। बच्चों के साथ उनके अभिभावक और स्कूली शिक्षक-शिक्षिकाएं भी शामिल हो रहे है।
पाठशाला के तीसरे दिन 1 जनवरी, गुरूवार सुबह 8.30 बजे सभी बच्चों ने अनुशासनात्मक रूप से आकर जूते-चप्पल लाईन से उतारने के साथ लाईन में बैठकर समस्त प्रकार की गतिविधियांे में हिस्सा लिया। तीसरे दिन पाठशाला का उद्घाटन स्वयं बच्चों ने दीप प्रज्जवलन कर किया। बाद श्री हनुमान चालीसा पाठ समिति के शुभम राठौर ने सभी बच्चों को सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ करवाया। योग प्रशिक्षक देवेन्द्र सोनी ने बच्चों को योग के विभिन्न प्रणायाम एवं आसन करवाकर उनमें स्फूर्ति का संचार किया। संकल्प ग्रुप अध्यक्ष भारती सोनी ने बच्चों को सरस्वती वंदना करवाई एवं बताया कि मां सरस्वती विद्या और ज्ञान की देवी है, उनकी नित्य पूजा-आराधना करने से हमे विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है। गायत्री परिवार के युग प्रवक्ता विनोदकुमार जायसवाल बच्चों को योग की विभिन्न मुद्राएं सिखाई, जिसे बच्चों ने अपने घरों पर प्रतिदिन करने हेतु सहमति प्रदान की।
देश-विदेशों की ज्ञानवर्धक जानकारी दी
सामाजिक महासंघ जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौर ने बच्चों को झाबुआ के विधायक, जिले की कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, संसदीय क्षेत्र के सांसद, मप्र के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति आदि के नाम बच्चों से पूछे, जिसका अधिकांश बच्चों ने सहीं उत्तर दिया। समाजसेवी राधेश्याम परमार ‘दादुभाई’ ने बच्चों से धार्मिक प्रश्नावली की। श्री परमार ने बच्चों से रामायण, महाभारत, शिव पुराण कथा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका बच्चों द्वारा सटिक उत्तर देने पर ऐसे बच्चों का पुष्पामलाआंे से स्वागत किया गया। उपस्थित सभी बच्चों से उत्साहपूर्वक भगवान श्रीराम, भारत माता के सामूहिक जयघोष भी लगाएं।
जीवन में अनुशासन और गरिमा होना आवश्यक
तीसरे दिन मंच पर अतिथि के रूप में स्वल्पाहार के लाभार्थी समाजसेवी किशोर बोरसे परिवार सहित उपस्थित रहे। उनके साथ सामाजिक महासंघ के वरिष्ठजनों में रामबदनसिंह सेंगर, अशोक शर्मा, नाथुलाल पाटीदार, कोमलसिंह कुशवाह, डॉ. संतोष प्रधान, हिन्दू नववर्ष उत्सव समिति अध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी, प्रदीप व्यास, भेरूसिंह चौहान, पारसिंह तोमर, मातृ शक्ति के रूप में चेतना चौहान, विनीता सिन्हा आदि उपस्थित रहीं। बच्चों को प्रवेश द्वार पर प्रतिदिन मस्तक पर केसरिया तिलक शीतल चौहान द्वारा लगाया जा रहा है। इस अवसर पर समाजसेवी किशोर बोरसे ने बच्चों को प्रेरणादायक उद्बोधन देते हुए दैनिक दिनचर्या में क्या सावधानी बरती जाएं, किन चीजों का पालन किया जाएं, आदि के साथ जीवन में अनुशासन और गरिमा का महत्व बताया। साथ ही सामाजिक महासंघ की सनातन, संस्कारों की पाठशाला की भूरी-भूरी प्रसंशा की। श्री बोरसे ने भगवान श्री गणेशजी के प्रथम पूज्य होने की कहानी भी बच्चों को सुनाई।
4 जनवरी तक चलेगी पाठशाला
सामाजिक महासंघ मीडिया प्रभारी दौलत गोलानी ने बताया कि पाठशाला बाद बच्चों ने स्वादिष्ट स्वल्पाहार का आनंद लिया। बाद पर्ची सिस्टम के माध्यम से लाईन में कतारबद्ध होकर पूरे अनुशासन और गरिमा के साथ झूले-चकरी का आनंद लिया। पाठशाला के तीसरे दिन बच्चों की संख्या करीब 800 के आसपास रहीं। पाठशाला का समापन 4 जनवरी को होगा। अंतिम दिवस बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी रहेगी।

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