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झाबुआ

स्थापना दिवस समारोह में कई विभागों के अधिकारी रहे नदारद, उठ रहे सवाल…?

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झाबुआ। 1 नवंबर को झाबुआ जिला मुख्यालय पर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का गरिमामय आयोजन कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सत्तारूढ़ दल भाजपा के जिलाध्यक्ष व महामंत्री सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लेकिन, इतने बड़े राजकीय समारोह में विभिन्न विभागों के कई अधिकारियों  की गैरमौजूदगी अब जनचर्चा का विषय बन गया है ।


मंत्री के प्रोटोकॉल और अनुशासन पर उठे सवाल
कैबिनेट स्तर की मंत्री के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस राजकीय कार्यक्रम में अधिकारियों की अनुपस्थिति को ‘प्रोटोकॉल का उल्लंघन’ और ‘प्रशासनिक लापरवाही’ के रूप में देखा जा रहा है ।  प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि 1 नवंबर राज्य का आधिकारिक स्थापना दिवस है। ऐसे मुख्य शासकीय अवसरों पर जिले के समस्त विभागाध्यक्षों और अधीनस्थ स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य होती है । लेकिन गरिमामय समारोह में कुछ ही विभाग के अधिकारीयो ने उपस्थिति दर्ज कराई थी । वही कई विभाग के अधिकारी ने स्थापना दिवस समारोह में आना उचित नहीं समझा । इसको लेकर क्या इन अनुपस्थित अधिकारीयों ने पूर्व में सूचना दी या अनुमति ली । यह जांच का विषय है ।
रविवार और ‘फील्ड’ का बहाना बेअसर
कार्यक्रम के दिन रविवार होने को लेकर भी कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन जानकारों का स्पष्ट कहना है कि स्थापना दिवस जैसे राष्ट्रीय व राजकीय समारोहों में रविवार का अवकाश लागू नहीं होता। साथ ही, रविवार को बिना किसी आपात स्थिति के “फील्ड ड्यूटी” का बहाना बनाकर कार्यक्रम से दूरी बनाना प्रशासनिक नियमों के विपरीत है।
कलेक्टर और एसपी जैसे शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कई महकमों के मुखियाओं और कर्मचारियों के गायब रहने से जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अनुपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों से इस मामले को लेकर प्रशासन को स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए । साथ ही कई विभाग के अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को कार्यक्रम में भेजा था जबकि उन्हें स्वयं उपस्थित होना था ।

प्रश्न यह है कि जब प्रदेश के स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण शासकीय आयोजन में कैबिनेट मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हों, तब विभागीय प्रमुखों की अनुपस्थिति का क्या औचित्य है? क्या संबंधित अधिकारियों के लिए मंत्री के कार्यक्रम का कोई प्रोटोकॉल अथवा प्रशासनिक निर्देश नहीं था? गौरतलब है कि इस बार स्थापना दिवस का आयोजन रविवार को हुआ था। ऐसे में नियमित फील्ड कार्यों का हवाला देकर अनुपस्थिति को उचित ठहराना भी सवालों के घेरे में है। यदि किसी अधिकारी के लिए उपस्थित होना संभव नहीं था तो क्या इसके लिए पूर्व अनुमति ली गई ।

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